वैश्विक अनाज बाजार 2025-26: कजाकिस्तान-रूस के निर्यात में तेजी, भारत में गेहूं निकासी भी बढ़ी

2025-26 वैश्विक अनाज बाजार में रूस और कजाकिस्तान के निर्यात में वृद्धि और भारत में गेहूं निकासी की तेजी दर्शाता चित्र

कजाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 11.1 मिलियन टन अनाज और आटे का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक है। स्थिर मांग, बेहतर रसद व्यवस्था और सरकारी सहायता उपायों के चलते उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को निर्यात में जोरदार वृद्धि हुई। कनाडा ने 1 अप्रैल तक गेहूं और कैनोला … Read more

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की अवधि 23 मई तक बढ़ी

मध्य प्रदेश में किसानों से गेहूं खरीद की अवधि 23 मई 2026 तक बढ़ाई गई।

मध्य प्रदेश के उन गेहूं उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है जो किसी कारणवश अब तक अपनी उपज मंडियों तक नहीं पहुंचा पाए थे। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर गेहूं खरीद की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 23 मई कर दिया है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने … Read more

बिहार में लीची फसल पर कीटों का हमला, केंद्र ने बनाई विशेषज्ञ समिति

बिहार में लीची फसल पर कीट हमले के बाद बागानों का निरीक्षण करती विशेषज्ञ टीम

बिहार के प्रमुख लीची उत्पादक क्षेत्रों में कीटों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ कार्यबल (टास्क फोर्स) का गठन किया है। यह टीम प्रभावित इलाकों का दौरा कर फसल नुकसान का सटीक आकलन करेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह कदम किसानों द्वारा ‘लीची स्टिंक … Read more

पश्चिम एशिया संकट का असर: खाद की कीमतों में तेज बढ़ोतरी

पश्चिम एशिया संकट के कारण खाद की कीमतों में बढ़ोतरी से प्रभावित किसान और उर्वरक बाजार का प्रतीकात्मक दृश्य।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने अब सीधे तौर पर भारत के कृषि क्षेत्र की आर्थिक सेहत को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हालिया वैश्विक टेंडरों में फॉस्फेट उर्वरकों की कीमतें 900 डॉलर प्रति टन के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं, जिससे भारत सरकार के सब्सिडी बिल पर भारी दबाव पड़ने की … Read more

किसानों को राहत: जैविक खेती सत्यापन की समयसीमा बढ़ी

जैविक खेती सत्यापन की समयसीमा बढ़ने से किसानों को राहत मिली।

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ने जैविक किसानों के अनिवार्य भौतिक सत्यापन की समयसीमा को बढ़ाकर 3 जुलाई कर दिया है। बीते साल 3 नवंबर 2025 से शुरू हुई इस प्रक्रिया की समयसीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है। एपीडा के अनुसार, कमजोर नेटवर्क कनेक्टिविटी, किसानों के रिकॉर्ड अपडेट में देरी और काम … Read more

भारत ने विकसित कीं 3000 जलवायु सहिष्णु फसल किस्में, कृषि में बड़ी उपलब्धि

भारत द्वारा विकसित 3000 जलवायु सहिष्णु फसल किस्में कृषि नवाचार

देश में कृषि क्षेत्र अब केवल मानसून के भरोसे नहीं, बल्कि विज्ञान के दम पर आगे बढ़ने को तैयार है। बढ़ते जलवायु जोखिमों के बीच खेती को सुरक्षित बनाने के लिए भारत ने पिछले एक दशक में लगभग 3,000 जलवायु-सहिष्णु फसल किस्में विकसित की हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014 से 2025 के बीच … Read more

कांकेर की लेखेश बाई बनीं महिला कृषि परिवर्तन की मिसाल

कांकेर की लेखेश बाई कृषि क्षेत्र में बदलाव की मिसाल बनती हुई, महिला किसान के रूप में ग्रामीण खेती में नवाचार करती हुई।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के थानाबोड़ी गांव की लेखेश बाई आज देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर सही तकनीक और इच्छाशक्ति हो, तो एक छोटी सी जोत को भी मुनाफे वाले व्यवसाय में बदला जा सकता है। वर्षा आधारित खेती से शुरुआत करने … Read more